अब हम ’दीर्घकालीन डिहाइड्रेशन के परिणाम’ के विषय पर चर्चा करेंगे
Thu Feb 18 2021
भारत जैसे विकसनशील देश में आने वाले हर एक नये दिन के साथ, शीशे एवं कॅडमियम के कारण होने वाले प्रदुषण की समस्याएँ गंभीर रुप धारण करती चली जा रही हैं। समाज पुन: पुन: शीशे एवं कॅडमियम द्वारा प्रदूषित वायु, प्रदूषित पीने का पानी, प्रदूषित मिट्टी में पैदावार किया गया अनाज, उसी प्रकार शीशे एवं कॅडमियम युक्त औद्योगिक माल एवं ग्राहक उत्पादन के संपर्क में आ रहे हैं।
Wed Oct 21 2020
मानवी शरीर स्वयं ना तो विटामिन-सी तैयार करता है और ना ही उसे इकट्टा/जमा करता है। हमें अपने आहार के माध्यम से ही लेना पड़ता है। इसे यदि दीर्घ कालावधि के लिए (लगभग चार सप्ताह तक) अपने आहार के माध्यम से विटामिन-सी का निश्चित मात्रा में एकत्रिकरण नहीं होता है तो विटामिन-सी की कमी का अहसास होने लगता है। (हो सकता है।)
Wed Oct 21 2020
विटामिन-सी को ऍस्कॉर्बिक ऍसिड भी कहते हैं। यह एक महत्वपूर्ण अन्न घटक है। मानवी शरीर स्वयं ही विटामिन-सी की निर्मिती नहीं कर सकता है इसी कारण मानव को इसे आधार के माध्याम से प्राप्त करना पड़ता है। यह पानी में पिथल (विद्रव्य) जाने वाला विटामिन है।
Wed Oct 21 2020